उत्तम प्रदेश - उन्नत प्रदेश मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार
मा० मुख्यमंत्री जी द्वारा राष्ट्रीय पंचायत दिवस दिनांक 24 अप्रैल 2017 के सुअवसर पर मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना लागू किये जाने की घोषणा की गयी थी। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश की उत्कृष्ट ग्राम पंचायतों को उनके द्वारा वित्तीय वर्ष में सम्पादित उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया जाता है।
कुल पुरस्कृत ग्राम पंचायतें
370+
सत्यापन स्थिति
पूर्ण रूप से पारदर्शी
डिजिटल ग्राम स्वराज अभियान, उत्तर प्रदेश
समस्त जिले सम्मिलित
समग्र विकास की इकाइयां
त्रि-स्तरीय स्वशासन आधार
सचिवालय व्यवस्था से युक्त
पुरस्कार के बारे में
मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की ग्राम पंचायतों को स्व-मूल्यांकन एवं बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। इस योजना के माध्यम से ग्राम पंचायतों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा उत्पन्न की जाती है जिससे वे जल संरक्षण, स्वच्छता, बाल-हितैषी योजनाएं, सामाजिक सुरक्षा और सुशासन के मानकों पर उत्कृष्ट कार्य कर सकें।
विजेता पंचायतों को प्रदान की जाने वाली विकास अनुदान राशि का उपयोग वे गांव के संवहनीय विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में करती हैं। इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मजबूत होता है बल्कि स्मार्ट ग्राम निर्माण की दिशा में तेजी से प्रगति होती है।
सर्वोत्कृष्ट प्रोत्साहन पुरस्कार
पंचायती राज विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा प्रतिवर्ष अनुमन्य
पुरस्कार राशि विवरण
उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयनित ग्राम पंचायतों को विभिन्न श्रेणियों में मिलने वाली विकास प्रोत्साहन सहायता राशि।
प्रथम पुरस्कार
द्वितीय पुरस्कार
तृतीय पुरस्कार
चतुर्थ पुरस्कार
पंचम पुरस्कार
योजना का उद्देश्य
पंचायतों को जवाबदेह संस्था के रूप में विकसित किये जाने हेतु प्रोत्साहित किया जाना।
पंचायतों को अधिनियम व नियम के अनुसार सुचारू रूप से कार्यवाही करने हेतु प्रोत्साहित किया जाना।
विभिन्न विकासात्मक कार्यों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाना।
चयनित ग्राम पंचायतों को राज्य स्तर पर स्मार्ट ग्राम पंचायत के रूप में आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाना।
ग्राम पंचायतों की चयन प्रक्रिया
मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार हेतु ग्राम पंचायतें निर्धारित मानकों के अनुसार पूर्ण पारदर्शी तरीके से स्वमूल्यांकन करते हुए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरेंगी।
जनपद स्तर पर गठित जनपद परफारमेंस असेसमेन्ट कमेटी द्वारा प्राप्त आवेदनों एवं उनके संलग्नों का विस्तृत परीक्षण एवं मूल्यांकन संपन्न किया जाएगा।
समिति द्वारा डेटा फ्रीज करने के उपरान्त चिन्हित पात्र ग्राम पंचायतों का धरातलीय अथवा स्थलीय सत्यापन प्रत्येक दशा में सुनिश्चित किया जाएगा।
समिति द्वारा अपने स्तर से विशिष्ट टीमें गठित कर रैंडम आधार पर कुछ चुनिंदा ग्राम पंचायतों का पुनः गहन स्थलीय सत्यापन किया जाएगा।
जनपदों से प्राप्त संस्तुतियों एवं मेरिट सूची का राज्य स्तर पर गठित राज्य परफारमेंस एसेसमेंट समिति द्वारा अंतिम परीक्षण कर अनुमोदन किया जाता है।
सत्यापन के दौरान यदि किसी भी स्तर पर ग्राम पंचायत का कार्य असन्तोषजनक अथवा त्रुटिपूर्ण पाया जाता है, तो उसे नियमानुसार पात्रता सूची से बाहर कर दिया जाएगा।